ब्रज की दुनिया

ब्रज की दुनिया में आपका स्वागत है. आइये हम सब मिलकर इस दुनिया को और अच्छा बनाने का प्रयास करें.

668 Posts

1380 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 1147 postid : 1341830

हिन्दू राष्ट्रवाद से भयभीत कौन?

Posted On: 23 Jul, 2017 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

मित्रों, अगर आप हाजीपुर में किराये के मकान में रहते हैं, तो आपको काफी सावधानी से रहने की आवश्यकता होती है। जैसे अगर आपके मकान मालिक के घर कोई कामवाली नहीं आती है, तो आपके घर भी नहीं आनी चाहिए। अगर आपके मकान मालिक के पास गाड़ी नहीं है, तो आपके पास भी नहीं होनी चाहिए। आपके खान-पान और रहन-सहन का स्तर भी उन लोगों से बेहतर नहीं होना चाहिए इत्यादि। आप कहेंगे कि जब पैसे आप खर्च कर रहे हैं, तो मकान मालिक कौन होता है टांग अड़ानेवाला? इतना ही नहीं कभी-कभी तो पड़ोस का मकान मालिक भी आपसे अनर्गल उम्मीदें रखने लगता है। जैसे आप उनके यहां दरबार क्यों नहीं लगाते या उनकी चापलूसी क्यों नहीं करते इत्यादि।

india

मित्रों, कुछ ऐसी ही स्थिति इन दिनों भारत के भीतर और बाहर स्थित भारत विरोधी तत्वों की हिन्दुओं और हिंदुस्तान को देखकर हो रही है। हम वर्तमान में किसी का कुछ भी नहीं बिगाड़ रहे और न ही भूत में कभी किसी का बिगाड़ा है, लेकिन फिर भी कई लोग और कई देश हमसे जले जा रहे हैं। बल्कि हम तो सनातन काल से इन्सान तो इन्सान, जीव मात्र के लिए ईश्वर से सर्वे भवन्तु सुखिनः की प्रार्थना करते आ रहे हैं। फिर भी कुछ लोगों और देशों को समस्या है। क्या भारत ने चीन के आर्थिक विकास में कभी कोई बाधा डाली? बल्कि पुराने घावों को भूलकर मदद ही की, फिर चीन को भारत की आर्थिक उन्नति से परेशानी क्यों होनी चाहिए? पिछले दो दशकों से भी ज्यादा समय से जब चीन एफडीआई में दुनिया का सरताज बना हुआ था, तब तो भारत को उससे डाह नहीं हुई, फिर आज चीन क्यों जला-भुना जा रहा है, जबकि भारत को इस क्षेत्र में उससे आगे निकले अभी एक साल ही हुआ है?
मित्रों, कहने का तात्पर्य यह है कि जो लोग या देश ईर्ष्या नामक दिमागी विकृति के शिकार हैं, उनको अपना इलाज कराना चाहिए अथवा आत्मपरीक्षण करना चाहिए। उनको खुश करने के लिए न तो हम अपना विकास करना बंद करेंगे और न ही अपने को मजबूत करना। चतुर्दिक विकास पर जितना उनका हक़ है, उतना हमारा भी है।

मित्रों, जहां तक हिन्दू राष्ट्रवाद का सवाल है, तो यह तो निश्चित है कि भारत में इस समय राष्ट्रवाद की लहर चल रही है। मगर वह लहर किसी भी प्रकार से हिन्दू लहर नहीं है, बल्कि उसमें उन सभी लोगों का समान योगदान है, जो भारत से प्यार करते हैं और जिनको अपने भारतीय होने पर गर्व है। जो लोग अपनी मातृभूमि से ज्यादा सुदूर की जमीन या वहां की संस्कृति को ज्यादा महत्व देते हैं और चाहते हैं कि बाकी के लोग भी उनका अनुसरण करें, तो उनसे हमारा आग्रह है कि वे भारत से प्रेम करें। क्योंकि जब उनके घर में आग लगेगी, तो कोई अरब या वेटिकन से नहीं आएगा बुझाने के लिए। अभी जब कश्मीर में बाढ़ आई, तो किसने बाढ़ पीड़ितों की जान बचाई और सहायता की? वैसे हम अक्सर ट्रकों के पीछे लिखा देखते हैं कि जलनेवाला जलता रहेगा, ७२२२ चलता रहेगा या फिर जलो मत संघर्ष करो आदि।



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran